एक पता… 70 पासपोर्ट! ग्वालियर के डबरा में कैसे बना फर्जी पहचान का नेटवर्क? | MP News
Dhar Pakad0
ग्वालियर के डबरा से सामने आए फर्जी पासपोर्ट मामले ने मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा और पहचान व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। STF की जांच में करीब 70 संदिग्ध फर्जी पासपोर्ट सामने आने की बात कही गई है। जांच के अनुसार डबरा के एक पते से जुड़े दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ और फर्जी आधार कार्ड, वोटर ID, निवास प्रमाण पत्र तथा 10वीं की मार्कशीट जैसे दस्तावेजों के जरिए भारतीय पहचान तैयार करने का आरोप है। �
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सबसे बड़ा सवाल है—जब दस्तावेज तैयार हुए, पुलिस वेरिफिकेशन हुआ और फिर भारतीय पासपोर्ट जारी हुए, तो यह पूरा खेल सिस्टम की नजर से कैसे बचा? STF ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जांच का दायरा आगे बढ़ाया जा रहा है। कुछ संदिग्ध पासपोर्ट धारकों की विदेश यात्राओं की जानकारी भी जांच में सामने आई है। � NDTV India +1 इस पूरे मामले में सवाल सिर्फ ग्वालियर या डबरा का नहीं है। सवाल है—भारतीय पहचान की सुरक्षा का। सवाल है—पुलिस वेरिफिकेशन का। सवाल है—पासपोर्ट सिस्टम का। और सवाल है—शासन-प्रशासन की जवाबदेही का। क्या यह सिर्फ एक गिरोह था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क है? “जयचंद” कौन है? फर्जी पहचान से भारतीय पासपोर्ट तक का रास्ता कैसे खुला? देखिए BH STATE 36 NEWS की पूरी रिपोर्ट।
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